कोयले की कमी दिखा बिजली महंगी करने के आसार

by Mohit Srivastava

Posted on 11 October 21, Mon, 7:26 PM


कोयले की कमी दिखा बिजली महंगी करने के आसार

कहीं कोल इंडिया के निजीकरण और अडानी की आस्ट्रेलियाई कंपनी से कोयला आयात करने को कोयला संकट पैदा नहीं किया जा रहा है।

देश में यह खेल चल रहा है कि जिस भी क्षेत्र में निजीकरण करना हो। उसकी किल्लत कर दो। अडानी और अंबानी को फायदा कराने के लिए मोदी सरकार कुछ भी कर सकती है। भले ही गोदी मीडिया देश से गद्दारी कर रहा हो पर देश के सरकारी संसाधन बेचे जा रहे हैं। गिरवी रखे जा रहे हैं। गोदी मीडिया ने दिखाया क्या ? इकलहरा खदान के कोयला भंडार में डेढ़ महीने से आग लगी है, 25 फीसद कोयला जल चुका है, यूनियन एक्शन लेने के लिए आंदोलन कर रही हैं और वेस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड के महाप्रबंधक कह रहें हैं कि सब ठीक है।

बाड़मेर : सोनडी व गिरल में लगातार कोयले का उत्पादन हो रहा है। ठेकेदार 2200 का खऱीद के राजस्थान से गुजरात में ले जाकर महंगे रेट पर बेच रहे हैं। अब भी आप विश्वास करते हैं कि देश में कोयले की कमी है ? दरअसल ये सब हथकंडे सरकार की सहमति से कराये जा रहें हैं ताकि जनता को बताया जा सके कि देश में कोयले की कमी है। इस लिए विदेशों से आयात होगा, एक तरफ कोल इंडिया का निजीकरण करने का बहाना मिलेगा तो दूसरी तरफ प्राइवेट खनिको को खनन करने के लिए सारे नियमों कि ऐसी तैसी करने की खुली छूट मिलेगी। इसके साथ अडानी की आस्ट्रेलिया वाली खदान का कोयला आएगा, कमी है तो रेट बढऩे स्वभाविक है। इसलिए बिजली के रेट बढ़ेंगे। डीजल, पेट्रोल, रेल, एयर टिकट और, एलपीजी गैस के बाद अगला नंबर बिजली का है। तैयार रहिये महंगाई झेलने के लिए।